डार द्रुम पलना, बिछौना नव-पल्लव के,
सुमन झगूला सोहै, तन छबि भारी दै।
पवन झुलावै, केकी-कीर बतरावै देव,
कोकिल हलावै हुलसावै कर तारी ते॥
पूरित पराग सों उतारों करै राई-नोन,
कंज-कली नायिका, लतानि पुचकारी दै।
मदन-महीप जू को बालक बसंत, ताहि,
प्रातहिं जगावत गुलाब चटकारी दै॥
उपरोक्त पंक्तियों में कवि देव ने किस ऋतु का वर्णन किया है?
1
वर्षा
2
शिशिर
3
शरद
4
बसंत