Teaching AWES Army Public School TGT Mock Test 2024 हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी।
सम खा तभी होगा समभावी,
खुलेगी साँकल बंद द्वार की।
कवयित्री के अनुसार, बिल्कुल भोग त्यागने से क्या होगा?1
मनुष्य भोग त्यागकर वैरागी हो जाएगा
2
वैरागी होने के कारण वह तंत्र साधनाओं में उलझ जाएगा
3
तंत्र-साधनाएँ उसे अहंकारी बना देंगी
4
उपरोक्त सभी