"जग में बैरी कोइ नहीं,जो मन सीतल होय।
या आपा को डारि दे, दया करै सब कोय।।"
इस पंक्ति में कबीर ने आपा शब्द का प्रयोग किस अर्थ में किया है?
1
होश
2
अहंकार
3
अस्तित्व
4
इनमे से कोई नहीं।