निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-
आरंभ में मानवतावाद मानवता को शोषण और बंधन मुक्त करने के लिए महान और उदार आदर्शों से चालित हुआ था। तत्वचिंतकों और साहित्य मनीषियों के मन में इस आदर्श का रूप बहुत ही उदार था, पर व्यवहार में मनुष्य की उदारता केवल ए तक प्रगतिशील विचारों की ही उपज थी। हमारे देश में भी नये जीवन-साहित्य के स्पर्श से नवीन जीवन-आदर्श जाग पड़े। मानवतावाद भी आया, दलितों, अध:पतितों और उपेक्षितों के प्रति सहानुभूति का भाव भी आया; और साथ-साथ राष्ट्रीयता भी के व्यवधान को बढ़ाने में सहायता पहुँचाई। जिन लोगों के पास संपत्ति है और जिनके पास संपत्ति नहीं है, उनका अंतर भयंकर होता गया। एक तरफ तो विषमता बढ़ती गई और दूसरी तरफ राष्ट्रीयता की देवी युवावस्था की देहली पर पहुँच कर ऐसी उतार दिया। इस प्रकार मनुष्यता की महिमा भी विकृत रूप में भयंकर हो उठी।