सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का दोष है :
1
इसमें विद्यार्थियों का निरंतर मूल्यांकन होता रहता है।
2
विद्यार्थियों को अपनी कमियों का निरंतर ज्ञान होता रहता है।
3
इसमें अभिभावकों को विद्यार्थी की निरंतर प्रगति की जानकारी होती रहती है।
4
यह प्रणाली तभी लागू की जा सकती है जब विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात कम हो।