Comprehension Passage
मनुष्य को सामाजिक प्राणी कहा जाता है इसका अर्थ है मानव समाज के लिए है तथा समाज मानव के लिए है। दोनों का अस्तित्व पूरी तरह से एक दूसरे पर आश्रित है पूरक हैं। मानव ने स्व भावना का त्याग कर पर भावना को आधार बनाकर समाज बनाया तो समाज ने भी मानव के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका अदा की। आदि मानव जब पृथ्वी पर बसने लगा तो सुरक्षा, भोजन, परस्पर सहायता के कारण वह अकेले जीवन नहीं बिता पाया अतः उसने दूसरे से मदद ली तथा दूसरो की मदद भी की। इस तरह समाज व परिवार एक दूसरे से अभिन्न बन गये। किसी राष्ट्र या वर्तमान के देशों का स्वरूप भी इसी तरह निर्मित हुआ, व्यक्ति से समाज, समाज से नगर और नगर से छोटे छोटे राज्य और राष्ट्र का निर्माण हुआ।
मानवीय समाज किसे आधार बनाकर बनाया गया है?
1
प्राणी की भावनाओं को
2
स्व भावना को
3
पर भावना को
4
प्राकृतिक भावनाएं