मैं अपनी कक्षा में बहुभाषिकता को महत्त्व देती हूँ, इसलिए मैं
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सभी बच्चों को अपनी मातृभाषा में कहने-सुनने की आजादी देती हूँ
2
भिन्न-भिन्न भाषाओं की पुस्तकों का आदर करती हूँ
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बच्चों को कई भाषाओं की कविताओं का गान करवाती हूँ
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श्यामपट्ट पर हिन्दी भाषा के शब्दों के अर्थ दो भाषाओं में अवश्य लिखती हूँ