Comprehension Passage

निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तरों के सही विकल्प चुनकर लिखिएः

परंपरागत अर्थों में रहस्यवाद आत्मा और परमात्मा के संबंध में रचित काव्य है, पर आज की रहस्यवादी रचनाओं को समग्रतः ऐसा नहीं कहा जा सकता। इस सृष्टि में आकर मनुष्य अपने चारों ओर जो कुछ देखता है, वह एक विचित्र रहस्य से आवृत है। बड़े-बड़े मनीषी भी युगों तक खोज करके इस समस्त विश्व-प्रपंच के रहस्य का उद्घाटन नहीं कर पाए हैं, किन्तु दीर्घकाल तक विचार और साधना करने के पश्चात् उन्हें ऐसा अनुभव हुआ कि इस समस्त संसार का संचालन किसी अदृश्य

सत्ता द्वारा हो रहा है। उस अदृश्य सत्ता को ब्रह्म या परमात्मा भी कहा जा सकता है। उस अदृश्य सत्ता को खोजने और उससे मिलने के लिए वे साधक बेचैन हो उठे। जब एक बार उस सत्ता का ज्ञान हो गया, फिर उससे मिले बिना चैन कहां? ऐसी दशा में विरह की व्याकुलता का वर्णन अनेक साधकों ने बड़े मर्मस्पर्शी शब्दों में किया हैं, किन्तु इसमें कठिनाई यह है कि जिस ब्रह्म या अज्ञात सत्ता के प्रेम में वे पागल हो उठे हैं, उसके गुणों का या रूप का कुछ वर्णन कर पाना संभव नहीं है। सभी साधकों ने एक स्वर से यही बात कही है कि वह बुद्धि और विवेक या तर्क से परे हैं उसे इंद्रियों द्वारा जाना नहीं जा सकता। हृदय द्वारा उसका अनुभव किया जा सकता है, परंतु वह अनुभव गूंगे के गुड़ के समान है। उस अनुभव का आनंद तो लिया जा सकता है, किन्तु उसका वाणी से वर्णन नहीं किया जा सकता।

रहस्यवाद क्या है?

1
आत्मा और परमात्मा के रहस्य से जुड़ा हुआ
2
आत्मा और परमात्मा से संबंधित काव्य
3
आत्मा और परमात्मा जगत की विवेचना
4
आत्मा और परमात्मा जगत से परे काव्य

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