हाय! मृत्यु का ऐसा अमर, अपार्थिव पूजन?
जब विषन्न, निर्जीव पड़ा हो जग का जीवन!
संग सौध में हो श्रृंगार मरण का शोभन,
नग्न, क्षुधातुर,वास विहीन रहें जीवित जन?
सुमित्रानंदन पंत ने उपरोक्त पंक्तियों को किस ओर संकेत करके लिखा है?
1
लाल किला
2
ताज महल
3
हुमायूं का मकबरा
4
फतेहपुर सीकरी