एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पो में से सही विकल्प चुने।
100 साल पहले, किसी ने भी यह नहीं सोचा होगा कि इंसान खुद ही किसी ऐसी चीज़ की रचना कर देगा, जिससे दुनिया की तमाम सारी जानकारी एक ही स्थान पर बहुत ही आसानी से मिल जाएगी और दुनिया के लगभग सभी देश आपस में जुड़े होंगे। धीरे-धीरे इंटरनेट के विकास के साथ इसके फायदे और महत्व हर क्षेत्र में दिखने लगे और यह तकनीक इंटरनेट क्रांति के रूप में पूरी दुनिया में फैल गई।
सन् 1969 में टिम बर्नर्स ली ने इंटरनेट का आविष्कार किया। इसे सबसे पहले सन् 1969 में अमेरिका के प्रतिरक्षा विभाग द्वारा एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी नेटवर्क के गुप्त आंकड़ों और सूचनाओं को दूर दराज़ के विभिन्न राज्यों तक भेजने व प्राप्त करने में लाया गया था। हमारे भारत देश में इंटरनेट 1980 के दशक में आया था।
इंटरनेट को संक्षिप्त में नेट भी कहा जाता है क्योंकि इंटरनेट एक दूसरे से जुड़े बहुत सारे नेटवर्कों का जाल है। इंटरनेट आई. टी. के क्षेत्र में क्रांति लाने वाला विश्व का सबसे बलशाली और सबसे बड़ा नेटवर्क है।
इंटरनेट की सफलता की वजह इसकी विशेषता और उपयोगिता है। इसकी सुगमता और उपयोगिता की वजह से, ये हर जगह इस्तेमाल हो रहा है। सूचनाओं और जानकारियों का इसका अथाह ज्ञान, इसके उपयोग को और अधिक बढ़ा देता है। इसकी इसी विशेषता के कारण उपयोगकर्ताओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
वास्तव में इंटरनेट एक सार्वजनिक सुविधा है और कोई भी इसका उपयोग कर सकता है। आज मानव की सफलता के पीछे इंटरनेट का बहुत बड़ा योगदान है। साथ ही यह एक सरल और सस्ता साधन है।