दिए गए गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए-
राजा शशांक की मृत्यु के बाद बंगाल में लगभग एक शताब्दी तक बड़ी अराजकतापूर्ण स्थिति व्याप्त रही। शक्तिशाली केन्द्रीय सत्ता के अभाव में अराजकतापूर्ण स्थिति से तंग आकर लोगों ने आठवीं शताब्दी के मध्य में गोपाल नामक किसी व्यक्ति को अपना शासक चुना, जो बंगाल के प्रसिद्ध पाल वंश का संस्थापक बना। उत्तर भारत में इस समय जहाँ शक्तिशाली राजवंशों का नितांत अभाव था वहीं इसके विपरीत दक्षिण भारत में प्रतापी राजवंशों का उदय इसी युग से प्रारंभ हुआ। 733 ई. में दंतिदुर्ग के राष्ट्रकूट साम्राज्य का स्थापना की। आठवीं शताब्दी के प्रारंभ में कन्नौज पर नितांत शक्तिहीन आयुध शासकों का शासन था। इसके विपरीत पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट उनकी शक्तिहीनता का लाभ उठाकर कन्नौज पर अपना आधिपत्य अथापित करना चाहते थे। कन्नौज पर आधिपत्य के लिए इन तीनों महाशक्तियों के मध्य संघर्ष को 'त्रिपक्षीय संघर्ष' कहा जाता है। यह संघर्ष बड़ी विचित्र और रोचक स्थितियों में लगभग एक शताब्दी तक चलता रहा और अंततः गुर्जर-तिहार कन्नौज पर आधिपत्य स्थापित करने में सफल हुए। इस त्रिपक्षीय संघर्ष का कारण कन्नौज नगर पर अधिकार करने की आकांक्षा मात्र नहीं था। कन्नौज वास्तव में इन तीनों महाशक्तियों की महत्वाकांक्षाओं का क्रीड़ा-स्थल था। कन्नौज कूटनीति और सामरिक दृष्टि से अब वहीं महत्व रखता था को मगध साम्राज्य में पाटलिपुत्र का था। कन्नौज अब उत्तर भारत की राजनीतिक धुरी का प्रतीक था। अतः समकालीन राजनीतिक माह शक्तियों द्वारा कन्नौज पर प्रभुत्व स्थापित करने की लालसा बड़ी स्वाभिवक थी।