Comprehension Passage

मेरा मेरा छोड़ गँवारा,

सिरपर तेरे सिरजनहारा।

अपने जीव बिचारत नाहीं,

क्या ले गइला बंस तुम्हारा॥टेक॥

तब मेरा कत करता नाहीं, आवत है हंकारा।

काल-चक्रसूँ खरी परी रे, बिसर गया घर-बारा॥१॥

जाइ तहाँका संयम कीजै, बिकट पंथ गिरधारा।

दादू रे तन अपना नाहीं, तो कैसे भयो सँसारा॥२॥

उपर्युक्त पद्यांश को पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्न का उत्तर बताइये:

कवि ने किसे 'गँवार' कहा है?

1
भक्तों को 
2
घर-द्वार से लगे रहने वाले को 
3
जनता को 
4
स्वयं को 

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation