'आओ बैठो, तनिक और सटकर
कि हमारे बीच स्नेह - भर का व्यवधान रहे
बस नहीं दरारें, सभ्य शिष्ट जीवन की'
- ये किस कविता की पंक्तियाँ हैं?
1
कितनी नावों में कितनी बार
2
कन्हाई ने प्यार किया
3
कितनी शांति, कितनी शांति
4
हरी घास पर क्षण भर
'आओ बैठो, तनिक और सटकर
कि हमारे बीच स्नेह - भर का व्यवधान रहे
बस नहीं दरारें, सभ्य शिष्ट जीवन की'
- ये किस कविता की पंक्तियाँ हैं?