Comprehension Passage
निर्देश: काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-
हवा चले अनुकूल तो नावें नौसिखिए भी खे लेते हैं,
सहज डगर पर लँगड़े भी चल बैसाखी से लेते हैं।
मिट जाते जो दीप स्वयं रोशन कर लाख चिरागों को
नमन उन्हें है, जो लौटा लाते हैं गई बहारों को ।
फैलाकर के हाथ किसी के सम्मुख झुकना आसाँ है,
बहती नदिया से पानी पी प्यास बुझाना आसाँ है,
नित्य खोदकर नए कुऍं जो सबकी प्यास बुझाते है,
वही लोग हैं जो सदियों तक जग में पूजे जाते हैं।
हवा चले अनुकूल तो नावें नौसिखिए भी खे लेते हैं,
सहज डगर पर लँगड़े भी चल बैसाखी से लेते हैं।
मिट जाते जो दीप स्वयं रोशन कर लाख चिरागों को
नमन उन्हें है, जो लौटा लाते हैं गई बहारों को ।
फैलाकर के हाथ किसी के सम्मुख झुकना आसाँ है,
बहती नदिया से पानी पी प्यास बुझाना आसाँ है,
नित्य खोदकर नए कुऍं जो सबकी प्यास बुझाते है,
वही लोग हैं जो सदियों तक जग में पूजे जाते हैं।
_______ में प्रथम और तृतीय चरणों में तेरह एवं दूसरे तथा चौथे चरणों में ग्यारह ग्यारह मात्राएँ होती हैं।
1
चौपाई छंद
2
दोहा छंद
3
कुण्डलिया छंद
4
हरिगीतिका छंद