"नारायण ! नारायण ! साधु नर-साधना,
इन्द्र-पद ने भी की उसी की शुभाराधना I"
बोल उठी नारद की वल्लकी गगन में,
जा रहे थे घूमने वे गंगातीर वन में I" किसकी पंक्तियाँ है
1
मैथिलीशरण गुप्त
2
हरिऔध
3
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
4
सुमित्रानंदन पंत
"नारायण ! नारायण ! साधु नर-साधना,
इन्द्र-पद ने भी की उसी की शुभाराधना I"
बोल उठी नारद की वल्लकी गगन में,
जा रहे थे घूमने वे गंगातीर वन में I" किसकी पंक्तियाँ है