Comprehension Passage
साहित्य का कार्य किसी देश की भौतिक विशेषताओं का गुणगान करना नहीं है । उसका कार्य सीधे-सीधे उपदेश देकर लोगों को बदलना भी नहीं है । साहित्य का कार्य तो मनुष्य को और अधिक मानवीय और समाज के लिए उपयोगी बनाना है । जब किसी मानवीय समूह में निराशा छा जाती है तब राष्ट्र में हीनता बोध का वातावरण व्याप्त हो जाता है और ऐसा लगता है की उस देश का समाज पतन की ओर जा रहा है तो उस कठिन समय में साहित्य ही अवरोधक का कार्य करता है । वही उस राष्ट्र को पतित होने से बचने की प्रेरणा देता है । सच्चा साहित्य कभी भी मानव विरोधी प्रवृत्तियों का पक्ष नहीं लेता ।
उपर्युक्त परिच्छेद को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर लिखिए :
प्रस्तुत गद्यांश का उचित शीर्षक क्या हो सकता है ?
1
साहित्य की राष्ट्र सेवा
2
साहित्य और भौतिक विशेषताएँ
3
साहित्य की प्रवृत्तियाँ
4
साहित्य और मानवीयता
5
अनुत्तरित प्रश्न