पुरन ब्रह्म, सकल अविनासी ताके तुम हो ज्ञाता।
रेख न रूप, जाति कुल नाही, जाके नहिं पितु माता।
ये पंक्तियाँ किसने किससे कहीं?1
कृष्ण ने उद्धव से
2
उध्दव ने गोपियों से
3
गोपियों ने उध्दव से
4
उध्दव ने कृष्ण से
5
अनुत्तरित प्रश्न
पुरन ब्रह्म, सकल अविनासी ताके तुम हो ज्ञाता।
रेख न रूप, जाति कुल नाही, जाके नहिं पितु माता।
ये पंक्तियाँ किसने किससे कहीं?