"सात साथ घोड़ों का वह रख नहीं चाहिये
मुझको नियत दिशा का वह पथ नहीं चाहिये"
उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कविता की है?
1
खुरदरे पैर
2
मनुष्य हूँ
3
हरी घास पर क्षण भर
4
कितनी नावों में कितनी बार
5
अनुत्तरित प्रश्न
"सात साथ घोड़ों का वह रख नहीं चाहिये
मुझको नियत दिशा का वह पथ नहीं चाहिये"
उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कविता की है?