संदेशों देवकी सो कह्यो I
हौं तो धाय तिहारे सुत की, कृपा करत ही रहियो I
उपरोक्त पंक्तियों में कौन सा रस है?
1
वियोग वात्सल्य रस
2
भक्ति रस
3
संयोग वात्सल्य रस
4
शृंगार रस
संदेशों देवकी सो कह्यो I
हौं तो धाय तिहारे सुत की, कृपा करत ही रहियो I
उपरोक्त पंक्तियों में कौन सा रस है?