दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
जीवन में सफल वही है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में जरा सी भूल चूक हो गई तो हानि सुनिश्चित है। कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं जैसे माता-पिता का, जन्म-मृत्यु का, किन्तु कुछ हमारे वश में हैं जिन पर हमारी सफलता-असफलता निर्भर है- जैसे अच्छी-बुरी संगति का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव आदि। संगति का चुनाव इन सब चुनावों में सर्वाधिक महत्तवपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव पर हमारा आचरण, कर्म, विचार, भाषा-स्तर, मनुष्यता और हमारी सफलता-असफलता निर्भर करती है। मनुष्य का चित्त बुराइयों और बुरे लोगों की ओर जल्दी आकृष्ट होता है। जिस तरह पानी सदा नीचे की ओर जाता है। उसी तरह मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। ऊँचाई तक जाने में कष्ट उठाना पड़ता है। इस प्रकार अच्छाई की ओर जाने में परिश्रम करना पड़ता है। परन्तु हम विवेक से काम लेकर अच्छे और बुरे का चुनाव कर सकते हैं और इसी विवेक के आधार पर सफलता पा सकते हैं।