Comprehension Passage
कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए-
"यह सच है तो अब लौट चलो तुम घर को।"
चौंके सब सुनकर अटल कैकेयी-स्वर को।
सबने रानी की ओर अचानक देखा,
दैधव्य-तुषारावृत्त यथा विधु-लेखा।
बैठी थी अचल तथापि असंख्य तरंगा,
वह सिंही अब थी हहा! गौमुखी गंगा।
"हाँ, जनकर भी मैंने न भरत को जाना,
सब सुन लें, तुमने स्वयं अभी यह माना।
यह सच है तो फिर लौट चलो घर भैया,
अपराधिन मैं हूँ तात, तुम्हारी मैया।
दुर्बलता का ही चिह्न विशेष शपथ है,
पर, अबलाजन के लिए कौन-सा पथ है?
यदि मैं उकसाई गई, भरत से होऊँ,
तो पति समान ही स्वयं पुत्र भी खोऊँ।
'वह सिंही अब थी हहा! गौमुखी गंगा' पंक्ति में व्यक्त काव्य सौन्दर्य है:
1
बिम्ब योजना
2
भाव संधि
3
प्रतीकात्मकता
4
उक्त सभी
5
अनुत्तरित प्रश्न