Teaching REET Mock Test Series 2024-25 Level 1 & 2 (Hindi-Sanskrit-English) हिन्दी साहित्य पाठ बोधन गद्यांश
Comprehension Passage
डॉ. कलाम दृढ़ इच्छाशक्ति वाले वैज्ञानिक थे। वे भारत के बहुत बड़े हस्ताक्षर थे तथा भारत को विकसित देश बनाने का सपना संजोए हुए थे। उनका मानना था कि भारतवासियों को व्यापक दृष्टि से सोचना चाहिए। हमें सपने देखने चाहिए। सपनों को विचारों में बदलना चाहिए। विचारों को कार्यवाही के माध्यम से हकीकत में बदलना चाहिए। डॉ. कलाम तीसरे ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिन्हें भारत का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया गया। उन्हें ‘पद्मभूषम’ तथा ‘पद्मविभूष्ण’ से भी सम्मानित किया गया। भारत को उन पर गर्व है। इतनी उपलब्धियाँ प्राप्त करने के बावजूद अहंकार कलाम जी को छू तक नहीं पाया। वे सहज स्वभाव के एक भावुक व्यक्ति थे। उन्हें कविताएँ लिखना, वीणा बजाना तथा बच्चों के साथ रहना पसंद था। वे सादा जीवन उच्च विचार में विश्वास रखते थे। कलाम साहब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। कलाम जी तपस्या और कर्मठता की प्रतिमूर्ति हैं। राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय दिए गए भाषण में उन्होंने कबीरदास जी के इस दोहे का उल्लेख किया था – ‘काल करे सो आज कर, आज करे सो अब’।
"डॉ. कलाम दृढ़ इच्छाशक्ति वाले वैज्ञानिक थे।" वाक्य में कौन सा काल है?
1
सामान्य भूतकाल
2
आसन्न भूत
3
पूर्ण भूत
4
अपूर्ण भूत
5
अनुत्तरित प्रश्न