Comprehension Passage

"हय-रुण्ड गिरे गज-झुण्ड गिरे,

कटकर अवनी पर शुंड गिरे।

भू पर हय-विकल-वितुण्ड गिरे,

लड़ते-लड़ते अरि झुंड गिरे

क्षण महाप्रलय की बिजली सी¸

तलवार हाथ की तड़प–तड़प।

हय–गज–रथ–पैदल भगा भगा¸

लेती थी बैरी वीर हड़प॥

पद्यांश के सम्बन्ध में दिए गये प्रश्नों का उत्तर दीजिए:

इस काव्यांश का शिल्प सौंदर्य है:-

1
सरल और सहज भावेगमयी भाषा के कारण।
2
तत्सम शब्दावली की भरमार
3
भाषा में लाक्षणिकता
4
ब्रज और अवधी का मिश्रित प्रयोग
5
अनुत्तरित प्रश्न

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