Comprehension Passage
गांधीजी कहते थे कुछ न करने से अच्छा है, कुछ करना। जो कुछ करता है वही सफल-असफल होता है। हमारा लक्ष्य कुछ भी हो सकता है, क्योंकि हर इंसान की अपनी-अपनी क्षमता होती है और उसी के अनुसार वह लक्ष्य निर्धारित करता है। जैसे विद्यार्थी का लक्ष्य है सर्वाधिक अंक प्राप्त करना तो नौकरी करने वालों का लक्ष्य होगा पदोन्नति प्राप्त करना। इसी तरह किसी महिला का लक्ष्य आत्मनिर्भर होना हो सकता है। ऐसा मानना है कि हर मनुष्य को बड़ा लक्ष्य बनाना चाहिए किन्तु बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाने चाहिए। जब हम छोटे लक्ष्य प्राप्त कर लेते हैं तो बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने का हममें आत्मविश्वास आ जाता है।
"विद्यार्थी" शब्द का विपरीत लिंग होगा?
1
विद्यार्थीनी
2
विद्यार्थीं
3
विद्यार्थन
4
इनमें से कोई नहीं
5
अनुत्तरित प्रश्न