निम्न गद्यांश का अध्ययन कीजिए तथा दिए गए प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चुनिए-
धनपति शिवकुमार एक समय था जब अपने गांव के सबसे धनवान व्यक्ति माने जाते थे। उनके पास धन ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन के खाने के लिए काफी अन्न भी था। चार किलो चावल उनके घर में हमेशा मौजूद रहता था, जिससे कोई भी भूखा नहीं रहता था।शिवकुमार का बचपन सादगी में बीता, लेकिन उन्होंने मेहनत और लगन से अपने सपनों को साकार किया। आज वे प्राधिकृत व्यापारी हैं, जिनके पास बड़ी संपत्ति है। वे अत्युत्तम जीवन जीते हैं और गांव के विकास में भी योगदान देते हैं।एक दिन, शिवकुमार की मुलाकात उनके पुराने मित्र, राम से हुई। राम अब वृद्ध हो चुके थे और उनके जीवन का अधिकांश समय ऋषिमुनि के आश्रम में बीता था। उन्होंने शिवकुमार को सतसई की एक पुस्तक उपहार स्वरूप दी।राम ने शिवकुमार को बताया कि वे अब धनहीन हो चुके हैं और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यह सुनकर शिवकुमार ने राम को अपने साथ रहने का प्रस्ताव दिया, ताकि वे बिना किसी चिंता के जीवन बिता सकें।एक रात, जब पूरे गांव में सन्नाटा था, चिड़ियाँ अपने घोंसले में सो रही थीं, राम और शिवकुमार अपने पुराने अनुभवों को साझा कर रहे थे। राम ने बताया कि अब गाँव में बहुत बदलाव आ चुके हैं, परंतु शिवकुमार की मदद से अभी भी सबके चेहरे पर मुस्कान बनी हुई है।इस प्रकार, राम ने अपने बुढ़ापा को भी सुखमय बना लिया, और शिवकुमार की दरियादिली ने यह दिखा दिया कि धर्म और दया की शक्ति धन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है।हमेशा की तरह, शिवकुमार ने उद्धारक की भूमिका निभाई और अपने मित्र राम को आश्रय दिया, सिखाते हुए कि सच्ची मित्रता समय और परिस्थितियों से परे होती है।इस कहानी ने साबित किया कि सच्ची संपत्ति वह होती है, जो दिलों को जोड़ती है, न कि केवल भौतिक वस्त्र और संपत्ति।