निम्न गद्यांश का अध्ययन कीजिए तथा दिए गए प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चुनिए-
रवि धीरे-धीरे पुस्तक पढ़ रहा था, जब उसकी माताजी, जो एक अनुभवी धात्री थीं, ने कमरे में प्रवेश किया। रवि का ध्यान किताब से हट न सका क्योंकि वह अनावर्त रूप से उसमें खोया हुआ था। पुस्तक एक प्रसिद्ध चित्रकार की जीवनी थी जिसने अपने समय में अनेक पुरस्कार जीते थे।
"रवि, तुम इतनी तल्लीनता से क्या पढ़ रहे हो?" माताजी ने पूछा।
रवि ने उत्तर दिया, "मां, यह किताब एक अद्भुत चित्रकार के जीवन पर आधारित है। उनकी कला इतनी मनमोहक और आकर्षित करने वाली है कि मैं पुस्तक से नज़रें नहीं हटा पा रहा हूँ।"
माताजी ने किताब को देखते हुए कहा, "अच्छा, मुझे भी यह जानने में दिलचस्पी है कि इस चित्रकार ने किन विशेषताओं और कठिनाइयों का सामना किया।"
रवि ने पुस्तक के कुछ अंश पढ़कर उन्हें सुनाना शुरू किया। यह चित्रकार न केवल अपनी कला के लिए बल्कि एक प्रभावशाली वक्ता के रूप में भी जाना जाता था। उसने अपने विचारों और कलाओं से समाज के विभिन्न वर्गों को प्रभावित किया और प्रेरणा दी।
"तुम्हारी राय क्या है मां, कला का असली मूल्य किसमें होता है – कलाकार के पुरस्कारों में या उनके काम की गहराई में?" रवि ने जिज्ञासा से पूछा।
माताजी ने मुस्कराते हुए कहा, "प्रिय रवि, पुरस्कार और प्रसिद्धि अनमोल हैं, मगर कला की असली गहराई उस कलाकार के सार में होती है जो अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को कुछ नया और प्रेरणादायक देने का प्रयास करता है।"
रवि को माताजी की बातें सुनकर और भी उत्सुकता महसूस हुई। धीरे-धीरे उसने समझा कि असली कला और उसकी तासीर दिल से दी गई भावनाओं से उभरती है, ना कि सिर्फ पुरस्कारों और प्रसंशाओं से। इस प्रकार, उसे चित्रकार की यात्रा से गहरा सबक मिला कि जीवन में सच्ची सफलता का माप पुरस्कारों से नहीं, बल्कि अपने कार्य में ईमानदारी और समर्पण से होता है।
इस पूरे वार्तालाप ने रवि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा दी और उसने निश्चय किया कि वह भी अपने जीवन में इसी तरह समर्पित होकर कार्य करेगा।