Comprehension Passage
जाति-प्रथा को यदि श्रम-विभाजन मान लिया जाए, तो यह स्वाभाविक विभाजन नहीं है, क्योंकि यह मनुष्य की रुचि पर आधारित है। कुशल व्यक्ति या सक्षम श्रमिक समाज का निर्माण करने के लिए यह अवश्य करें कि व्यक्ति की क्षमता इस सीमा तक विकसित करें, जिससे वह अपने पेशे या कार्य का चुनाव स्वयं कर सके। इस सिद्धांत के विपरीत जाति-प्रथा का दूषित सिद्धांत यह है कि इससे मनुष्य के प्रशिक्षण अथवा उसकी निजी क्षमता का विचार किए बिना, दूसरे ही दृष्टिकोण जैसे माता पिता के सामाजिक स्तर के अनुसार पहले से ही अर्थात गर्भधारण के समय से ही मनुष्य का पेशा निर्धारित कर दिया जाता है। जो कि ज़िन्दगी भर उस व्यक्ति के द्वारा करने की अपेक्षा की जाती है।
अवश्य-अवश शब्द युग्म का सही अर्थ है?
1
आवश्यक-अवकाश
2
जरूर-लोहा
3
जरूरी-छुट्टी
4
जरूर-विवश
5
अनुत्तरित प्रश्न