Comprehension Passage
निर्देश: इस पद्य को ध्यान से पढें और नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर दें:
चाह नहीं, मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध
प्यारी को ललचाऊँ,
चाह नहीं सम्राटों के शव पर
हे हरि डाला जाऊँ,
चाह नहीं देवों के सिर पर
चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ,
मुझे तोड लेना बनमाली,
उस पथ पर देना तुम फेंक!
मातृ-भूमि पर शीश-चढाने,
जिस पथ पर जावें वीर अनेक!इन पंक्तियों का शीर्षक लिखिए |
1
प्रेमियों की अभिलाषा
2
सैनिक की अभिलाषा
3
सुरबालाओं की अभिलाषा
4
पुष्प की अभिलाषा
5
अनुत्तरित प्रश्न