निम्न गद्यांश का अध्ययन कीजिए तथा दिए गए प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चुनिए-
अलकनंदा घाटी को भारत की तपोभूमि माना जाता है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और दिव्यता अद्वितीय है। गाँधी जी ने इसका "अजर-अजिर" के रूप में उल्लेख किया है, जिसे देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं।
घाटी के बीचोंबीच एक पथ है, जहां रोजाना कई तीर्थयात्री परिक्रमा करते हैं। इस क्षेत्र में सन्नाटा और शांति का मिलन होता है जिससे मनुष्य को आध्यात्मिक शांति मिलती है। परिक्रमा के दौरान, यात्री प्रकृति की गोद में बैठकर हरियाली और नदियों की कलकल ध्वनि का आनंद लेते हैं। यह जगह सचमुच एक पर्यावरणीय स्वर्ग है।
घाटी के एक कोने में एक प्राचीन मंदिर स्थित है, जहां एक वृद्ध सन्यासी का निवास है। उनकी आध्यात्मिक ऊर्जा और ज्ञान का स्रोत बन चुके हैं। वे लोगों को योग और ध्यान की शिक्षा देते हैं, जिससे यहां आने वाले हर व्यक्ति को मानसिक और आत्मिक बल मिलता है।
सन्यासी के प्रवचनों का एक प्रमुख हिस्सा खेलना होता है। वे कहते हैं कि खेलने से शरीर और मन को नई ऊर्जा मिलती है। दिनभर तपोभूमि में परिक्रमा करने के बाद, थके यात्री अक्सर उनसे मिलने आते हैं। सन्यासी उन्हें सिखाते हैं कि कैसे जीवन की चुनौतियों का सामना शांत चित्त और उत्साही मन से करना है। उनका कहना है कि खेल केवल बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के व्यक्ति के लिए आवश्यक है। यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक विकास में भी सहायक होता है।
अलकनंदा घाटी में बिताया गया हर क्षण अमूल्य होता है। यहाँ की हर बात एक प्रेरणा स्रोत है, जो जीवन को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करती है। तपोभूमि का यह अनुभव अजर-अजिर के समान अनंत और शाश्वत होता है।