निम्न गद्यांश का अध्ययन कीजिए तथा दिए गए प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चुनिए-
एक शांत शाम, सूरज डूबने के बाद जब आकाश में हल्की धुंध छा गई थी, श्रेया रसोई में खाना बना रही थी। उसकी छोटी बहन पास में बैठी थी और कोयल की मधुर आवाज को सुनने में मग्न थी। घर के एक कोने में राम सो चुका था, उसकी धीमी-धीमी सांसें पूरे घर में एक अनजानी लय उत्पन्न कर रही थीं।
दिन में भरे हुए बाजार की सैर के दौरान मैंने नई पुस्तक खरीदी थी जिसको पढ़ने की इच्छा अभी भी मेरे मन में थी। किन्तु, चाचा का आना और उनके साथ हुई बातें उस पुस्तक की हर रोमांचक कथा से भी अधिक दिलचस्प रहीं। चाचा, जिनका नाम विधुर है, गांव के एक जाने-माने और विद्वान व्यक्ति माने जाते हैं। उनके पास ज्ञान की गहराई और अनुभवों का अथाह सागर है।
शाम की चाय के साथ हम सबने बैठकर बातें कीं। चाचा ने गिरि पर्वत की यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पर्वत की ऊंचाई पर चढ़ते समय कैसे हवा की तीव्रता बदल जाती है, और चोटी से नीचे देखने पर पूरी धरती कैसी मनमोहक लगती है। मैंने और मेरी बहन ने चाचा की बातों को बड़े ध्यान और उत्सुकता से सुना।
उसी समय श्रेया ने हमारा ध्यान खींचा क्योंकि उसने खाना तैयार कर लिया था। गर्म-गर्म रोटी और विभिन्न प्रकार की सब्जियों की महक पूरे घर में फैल गई थी। जब हम सबने मिलकर खाना खाया, तो दिनभर की सारी थकान अचानक गायब हो गई।
रात बढ़ने लगी और हम सब एक बार फिर से अपनी-अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो गए। चाचा ने अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए एक बार मुझे यह भी बताया था कि मुद्रा का सही उपयोग कितनी मायने रखता है। उन्होंने हमें सिखाया था कि सिर्फ धन कमाना ही सब कुछ नहीं होता, सही जगह और सही समय पर उसका उपयोग करना और भी महत्वपूर्ण है।
इस तरह, हमने उस शाम को एक आदर्श समय के रूप में संजोया, जिसके बीच में न केवल परिवार और मित्रता का सुखद अनुभव था, बल्कि ज्ञान और अनुभूति की भी बौछार थी। जब रात गहरी हो गई और चांदनी अपने शबाब पर थी, तो हम सबने सोने का निर्णय लिया और अगली सुबह के सुंदर सपनों के साथ बिस्तर पर चले गए।