निम्न गद्यांश का अध्ययन कीजिए तथा दिए गए प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चुनिए-
राम बाजार जा रहा था। वह सोच रहा था कि उसे वहाँ से क्या-क्या खरीदना है। बाजार जाते समय उसने देखा कि कुदरत के सुंदर रूप ने चारों ओर अपने रंग बिखेरे हुए हैं। एक पेड़ पर चिड़िया अपने बच्चों के लिए घोंसला बना रही थी। राम को यह दृश्य बहुत अच्छा लगा क्योंकि उसने पहली बार कुदरत को इतनी करीब से काम करते देखा था।
राम का बाल्यकाल भी इन्हीं पेड़ों के इर्द-गिर्द बीता था। लेकिन अब बाजार और बड़े-बड़े मकान बन गए हैं। उसने सोचा कि काश, उसका बाल्यकाल लौट आता और वह फिर से इन पेड़ों की छांव में खेल पाता। जब राम बाजार पहुंचा, तो उसने देखा कि वहां काफी भीड़ थी। दुकानदार अपने-अपने सामान को बेचने के लिए जोर-जोर से आवाज लगा रहे थे।
हलवा, मिठाई, फल और सब्जियों की कई दुकानें लगी थीं। राम सब कुछ ध्यान से देख रहा था। अचानक उसकी नजर एक आदमी पर पड़ी जो काफी दौलतमंद लग रहा था। वह व्यक्ति अपने लिए सामान खरीद रहा था लेकिन उसके चेहरे पर संतोष नहीं था। राम ने सोचा कि दौलत सिर्फ खुशी नहीं दे सकती; असली खुशी तो कुदरत के करीब रहने और शांति में मिलती है।
बाजार में कुछ ही देर में बड़ा हंगामा हो गया। एक आदमी चिल्ला रहा था कि उसका सामान चोरी हो गया है। तुरंत पुलिस को बुलाया गया और पुलिस ने वहां का बंदोबस्त संभाला। राम को लगा कि जैसे वह किसी अदालत में आ गया हो। बाजार के बीचों-बीच ये हलचल उसे अब असहज कर रही थी।
राम ने जितनी जल्दी हो सके, बाजार से अपनी आवश्यकताएं पूरी कीं और वापस घर की ओर चल पड़ा। उसने मन ही मन सोचा कि कुदरत के साथ समय बिताना कितना सुखमय होता है, जो बाजार या दौलत में कभी मुमकिन नहीं।