निम्न गद्यांश का अध्ययन कीजिए तथा दिए गए प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चुनिए-
एक समय की बात है, जब भारत में परिवर्तन की लहर चल रही थी। एक छोटे से गाँव में नागेश नाम का एक व्यक्ति रहता था। नागेश बचपन से ही चतुराई और धीरज का प्रतीक था। वह हमेशा अग्रिम विचारों का समर्थक रहा और नई सोच को अपनाने में कभी संकोच नहीं करता था।
एक दिन, गाँव में एक जंगी सेना का आगमन हुआ। गाँववासियों ने खचाखच भरे चौक में इकट्ठा होकर सेना का स्वागत किया। ये सेना अत्यंत अनुशासित और प्रशिक्षित थी। सेना के नेता, जो एक दिग्गज योद्धा था, ने गाँववासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य गाँव के सुरक्षा को सुनिश्चित करना था लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गाँववासियों को सेना के आदेशों के अधीन रहना होगा।
नागेश ने इस पर गहराई से विचार किया। उन्होंने पाया कि बेशक सेना की उपस्थिति गाँव की सुरक्षा के लिए लाभदायक हो सकती है, पर गाँववासियों की स्वतंत्रता भी अत्यधिक महत्वपूर्ण थी। इसी बीच, गाँव में एक रोगी की स्थिति बिगड़ गई और उसे तुरंत सहायता की आवश्यकता थी। सेना के चिकित्सक ने रोगी की जाँच की और उसके इलाज के लिए अंगुष्ठिका का इस्तेमाल किया।
नागेश ने इस मौके का सदुपयोग करते हुए सेना के नेता से बातचीत की। उसने अपनी चतुराई से स्थिति को समझते हुए सुझाव दिया कि अगर सेना गाँववासियों के साथ मिलजुल कर कार्य करे और उनकी स्वतंत्रता का सम्मान करे तो यह संबंध अधिक फलदायी हो सकता है। उसकी बातों ने सेना के नेता को प्रभावित किया और उसने नागेश के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
इस घटना के बाद, गाँव और सेना के बीच एक नया रिश्ता स्थापित हुआ। नागेश की चतुराई और अग्रिम सोच ने गाँववासियों को एक नया मार्ग दिखाया। उन्होंने सिद्ध कर दिया कि समस्याओं का समाधान सामंजस्य और समझदारी से किया जा सकता है। इस प्रकार, गाँव में एक नई धारा का प्रवाह शुरू हुआ, जिसमें सुरक्षा और स्वतंत्रता दोनों का संतुलन बना रहा।