निम्न गद्यांश का अध्ययन कीजिए तथा दिये गये प्रश्नों का सही विकल्प चुनिए:
हमने अपने को राष्ट्रों में बांट रखा है और प्रत्येक राष्ट्र अपने को स्वतंत्र-संप्रभु राज्य के रूप में संव्यूढ देखना चाहता है। दो मनुष्य एक ही विचार रखते है, एक ही संस्कृति के उपासक हैं, एक को दूसरे से कोई द्वेष नहीं है, फिर भी विभिन्न राष्ट्रों के सदस्य होने के कारण उनके हित टकराते हैं, एक-दूसरे से लड़ना पड़ता है, एक को दूसरे के बाल-बच्चों को भूखा मारना पड़ता है।
व्यक्ति को दास बनाना बुरा समझा जाता है, परंतु समूचे राष्ट्र को दास बनाना, समूचे राष्ट्र के जीवन को अपनी इच्छा के अनुसार चलाना, समूचे राष्ट्र का शोषण करना बुरा नहीं है। बलात् दूसरे के घर का प्रबन्ध नहीं किया जा सकता, परंतु बलात् दूसरे राष्ट्र पर शासन किया जा सकता है। राष्ट्रों और राज्यों के परस्पर व्यवहार में सत्य, अहिंसा और सहिष्णुता का स्थान नहीं है। जो मनुष्य दूसरे व्यक्ति की एक पाई दबा लेना बुरा समझता है, वह राजपुरुष के पद से दूसरे राष्ट्र का गला घोंट देना निंद्य नहीं मानता।
यह बात श्रेयस्कर नहीं। कुटुम्ब में व्यक्ति होते हैं, समाज व राष्ट्र इसी प्रकार रहें। कुछ बातों में अपना अलग-अलग जीवन भी बितायें, परंतु सारे मानव समाज की एकता सतत सामने रहनी चाहिए। युद्ध और कलह समाप्त होना चाहिए। जो राष्ट्र दूसरों की ओर कुदृष्टि से देखे-वह राष्ट्र-समुदाय से बहिष्कृत और दण्डित होना चाहिए। न्याय और सत्य सामूहिक आचरण के आधार पर बनाये जा सकते हैं। मानव संस्कृति एक और अविभाज्य है; योगी, कवि, कलाकार, वैज्ञानिक आदि चाहे किसी देश के निवासी हों, मनुष्य समाज-मात्र की विभूति हैं।