Comprehension Passage
निर्देश: अधोलिखित गद्यांश को ध्यान से पढिए और नीचे दिये गए प्रश्नों के उत्तर गद्यांश के आधार पर दीजिए।
सृष्टि में ईश्वर की श्रेष्ठ रचना मनुष्य है और मनुष्य में भी ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना नारी है। हमारे समाज में नारी जन्म से लेकर जीवन पर्यन्त पूजनीय है। फिर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। क्योंकि पाश्चात्य जगत का भोगवादी दृष्टिकोण ही समाज में स्त्री के जीवन की मूल समस्या है। जबकि नारी के बिना समाज में नव चेतना लाना कदापि संभव नहीं है। नारी के बिना संसार की हर रचना अपूर्ण तथा रंगतहीन है। वह मृदु होते हुए भी कठोर है, उसमें पृथ्वी जैसी सहनशीलता, सूर्य जैसा ओज तथा सागर जैसा गाम्भीर्य एक साथ दृष्टिगोचर होता है। नारी के अनेक रूप हैं, वह समाज कभी उन्नति नहीं कर सकता, जहाँ नारी को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता।
'दृष्टिगोचर' का आशय है:
1
साफ-साफ
2
स्पष्ट दिखाई देने वाला
3
स्पष्ट जानने वाला
4
स्पष्ट भाव