खाक डाले चाँद नहीं छिपता लोकोक्ति का अर्थ :-
1
कोई नहीं जानता कि भगवान कब, कैसे, क्यों दण्ड देता है
2
कोई काम अपने हाथ से करने पर ही ठीक होता है
3
पाप स्वतः सामने आ जाता है
4
अच्छे आदमी की निंदा करने से कुछ नहीं बिगड़ता
खाक डाले चाँद नहीं छिपता लोकोक्ति का अर्थ :-