Comprehension Passage
मैं हूँ उनके साथ खड़ी
जो सीधी रखते अपनी रीढ़।
कभी नहीं जो तज सकते हैं
अपना न्यायोचित अधिकार
कभी नहीं जो सह सकते हैं
शीश नवाकर अत्याचार
एक अकेले हों या उनके
साथ खड़ी हो भारी भीड़
मैं हूँ उनके साथ खड़ी
जो सीधी रखते अपनी रीढ़।
निर्भय हो घोषित करते
जो अपने उद्गार-विचार
जिनकी जिह्वा पर होता है
उनके अंतर का अंगार
नहीं जिन्हें चुप कर सकती है
आततायियों की शमशीर
मैं हूँ उनके साथ खड़ी,
जो सीधी रखते अपनी रीढ़।
अत्याचार सहन न करने वालों के प्रति कवयित्री की क्या प्रतिक्रिया होती है?
1
वह उनके साथ खड़ी होती है
2
वह उनके विरुद्ध खड़ी होती है
3
वह उनसे सीधे मुँह बात नहीं करती है
4
वह उन पर विश्वास नहीं करती है