Comprehension Passage
जग - जीवन में जो नाथ चिर महान,
सौन्दर्य पूर्ण औ सत्यनाथ,
मै उसका प्रेमी बनूँ नाथ,
जिससे मानव हित हो समान,
मिल जावे जिसमे अखिल व्यक्ति,
जिससे जीवन में मिले शक्ति,
छूटे भय संशय अंध भक्ति,
मै वह प्रकाश बन सकू नाथ!!
सौन्दर्य पूर्ण औ सत्यनाथ,
मै उसका प्रेमी बनूँ नाथ,
जिससे मानव हित हो समान,
मिल जावे जिसमे अखिल व्यक्ति,
जिससे जीवन में मिले शक्ति,
छूटे भय संशय अंध भक्ति,
मै वह प्रकाश बन सकू नाथ!!
प्रस्तुत पद्यांश में काव्य गुण कौन सा है?
1
प्रसाद गुण
2
माधुर्य गुण
3
ओज गुण
4
इनमे से कोई नही