Comprehension Passage
जो नहीं हो सके पूर्ण काम
मैं उनको करता हूँ प्रणाम ,
कुछ कुंठित और कुछ लक्ष्य भ्रष्ट
जिनके अभिमंत्रित तीर हुए
रण की समाप्ति के पहले ही
जो वीर रिक्त तूणीर हुए !
उनको प्रणाम
जो छोटी - सी नैया लेकर
उतरे करने को उदधी - पार ,
मन की मन में ही रही , हो गए उसी में निराकार !
उनको प्रणाम !
प्रस्तुत पंक्तियों में कवि किसको प्रणाम करते हैं ?
1
देश के जवानों को
2
बुजुर्गों को
3
माता - पिता को
4
वे व्यक्ति जो प्रयास के उपरान्त भी लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाए