Comprehension Passage
जो नहीं हो सके पूर्ण काम
मैं उनको करता हूँ प्रणाम ,
कुछ कुंठित और कुछ लक्ष्य भ्रष्ट
जिनके अभिमंत्रित तीर हुए
रण की समाप्ति के पहले ही
जो वीर रिक्त तूणीर हुए !
उनको प्रणाम
जो छोटी - सी नैया लेकर
उतरे करने को उदधी - पार ,
मन की मन में ही रही , हो गए उसी में निराकार !
उनको प्रणाम !
कवि की क्या जीवन दृष्टि है ?
1
प्रगतिवादी
2
छायावादी
3
प्रयोगवादी
4
यथार्थवादी