Comprehension Passage
कौन बचा है जिसके आगे
इन हाथों को नहीं पसारा
यह अनाज जो बदल रक्त में
टहल रहा है तन के कोने - कोने
यह कमीज़ जो ढाल बनी है
बारिश सर्दी लू में ,
सब उधार का , माँगा चाहा
नमक - तेल , हींग - हल्दी तक
सब कर्जे का
यह शरीर भी उनका बंधक
अपना क्या है इस जीवन में , सब तो लिया उधार
सारा लोहा उन लोगों का
अपनी केवल धार ।
प्रस्तुत पंक्तियों में रक्त का क्या अर्थ है ?
1
खून
2
बलवान
3
यात्री
4
अनोखे