Comprehension Passage

बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की,

'बरस बाद सुधि लीन्हीं'-

बोली अकुलाई लता ओट हो किवार की,

हरसाया ताल लाया पानी परात भर के।

मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।

क्षितिज अटारी गहराई दामिनी दमकी,

'क्षमा करो गाँठ खुल गई अब भरम की',

बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके।

मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।

उपर्युक्त पद्यांश को पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्न का उत्तर बताइये:

यहाँ मेघ किसका प्रतीक है?

1
नायिका रूपी लता का
2
दामाद रूपी अतिथि का
3
वर्षा का
4
घर रूपी ताल का

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