नीचे दिए गए अवतरण को ध्यान से पढ़िए और उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर विकल्पों में से दीजिए।
आपको जानना चाहिए कि अंग्रेज़ी पढ़कर हमने अपने राष्ट्र को गुलाम बनाया है। अंग्रेज़ी शिक्षा से ढोंग ढकोसला, अत्याचार आदि बढ़े हैं। अंग्रेज़ी पढ़े हुए हिंदुस्तानियों ने आम लोगों को ठगने और उन्हें डरवाने में कोई कसर नहीं रखी है। अगर हम उनके लिए कुछ कर रहे हैं तो अपने ऊपर लदे हुए उनके ऋण का एक अंश मात्र चुका रहे हैं। यह क्या थोड़ा जुल्म है कि अपने देश में काम पाने के लिए भी हमें अंग्रेज़ी का ही सहारा लेना पड़ता है? मैं जब बैरिस्टर बन जाता हूँ तब मुझसे अपनी भाषा में बोला नहीं जाता और मेरे पास एक ऐसा आदमी होना चाहिए जो मेरी अपनी भाषा से ही मेरे लिए उलथा कर दिया करे। यह क्या कोई छोटी विडंबना है? यह गुलामी की हद नहीं तो क्या है? इसके लिए मैं अंग्रेज़ों को दोष दूँ या अपने आपको? हम अंग्रेज़ीदाँ लोग ही हिंदुस्तान को गुलाम बनाने वाले हैं।