Comprehension Passage
भाषा की शक्ति कठिन नहीं, आसान शब्दों के प्रयोग से निखरती है I भाषा का सौंदर्य तब बढ़ता है, जब लेखक उन सभी शब्दों को सहानुभूति से देखता है जो जनता की जीभ पर चढ़े हुए हैं। कोई भी शब्द केवल इसलिए ग्राह नहीं होता है कि वह संस्कृत-भंडार का है, न शब्दों का अनादर केवल इसलिए उचित है कि वेया फारसी पार्टी के शब्द भंडार से आए हैं I जो भी शब्द प्रचलित भाषा में चल रहे हैं, जो भी शब्द सुगम, सुंदर और अर्थपूर्ण हैं, साहित्यिक भाषा भी उन्हीं शब्दों को लेकर काम करती है, यह विचार आज भी समीचीन समझा जाता है।
भाषा की शक्ति कैसे निखरती है?
1
सरकारी प्रयास से
2
कठिन शब्दों के प्रयोग से
3
निजीकरण करने
4
आसान शब्दों के प्रयोग से