Comprehension Passage

नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए I

यदि हमारे मन में राग, द्वेष, अभिमान, मोह और दीनता आदि है तब हमारा मन मलिन होने के कारण उसमें आने वाले विचार भी थोड़े दूषित होने लगते हैं और जब विचारों के दूषित होने का क्रम चल पड़ता है तो उसका प्रभाव यह होता है कि वैसे ही शब्द हम बोलने लगते है, जिससे दूसरों को दु:ख पहुँचता है, कष्ट होता है I इसके विपरीत यदि हमारे मन में दूसरों के प्रति करुणा, प्रेम और दूसरों के हित की भावना होती है तो पवित्र मन होने के कारण हमारे विचार भी पवित्र होंगे और हमारी वाणी भी पवित्र और दूसरों को सुख प्रदान करने वाली होगी I कभी-कभी हम देखते हैं कि व्यक्ति मन में कुछ विचार करता है, वाणी से कुछ अलग बोलता है और शरीर से कर्म उसके भी विपरीत करता है I समाज और उसके अपने परिवार के सदस्य भी ऐसे मनुष्यों पर विश्वास नहीं करते हैंI 

मन में आने वाले विचार कब दूषित होने लगते है?

1
मन में ईर्ष्या, मोह आदि भाव पैदा होने पर I
2
शरीर में किसी तरह की व्याधि होने पर I
3
घर में अस्वच्छता का वास होने से I
4
सूख-सुविधाओं का अभाव होने से I

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