Comprehension Passage
स्वतंत्रता अपने आप में निरपेक्ष नहीं है। एक सीमा पार कर जाने के बाद स्वतंत्रता स्वेच्छाचारिता और उच्छृंखलता में बदल जाती है। एक व्यक्ति को धन कमाने की स्वतंत्रता है, पर काले बाजार की अथवा लूटने की स्वतंत्रता नहीं है। हम एक पागल को मोटर चलाने की स्वतंत्रता नहीं दे सकते, जबकि एक सामान्य नागरिक को, जो मोटर चलाना जानता है मोटर चलाने का आज्ञापत्र प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होती। हमको लाउडस्पीकर पर गाने की स्वतंत्रता है, किंतु हमारे गाने से हमारे पड़ोसी के सोने की स्वतंत्रता नष्ट नहीं होनी चाहिए। जो स्वतंत्रता हमें प्राप्त है, वह दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधक नहीं होनी चाहिए। हमें स्मरण रखना चाहिए कि हर स्वतंत्रता के साथ एक दायित्व का प्रश्न जुड़ा होता है।
उपर्युक्त परिच्छेद को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर लिखिए:
किन स्थितियों में स्वतंत्रता स्वेच्छाचारी और उच्छृंखलता में बदल जाती है?
1
एक सीमा पार करने के बाद
2
आज्ञापत्र प्राप्त करने के बाद
3
निरपेक्ष भाव के कारण
4
बाधाओं के कारण