Comprehension Passage
निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढ़ें और प्रत्येक प्रश्नों का सही उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न के लिए चार उत्तर दिए गए हैं, आपको इनमे से सही उत्तर का चयन करना है।
मुंशी प्रेमचंद जी का नाम हिंदी जगत में कौन नहीं जानता है। इन्होनें अपनी अमूल्य कृतियों के माध्यम हिंदी रचना संसार को धन्य-धान कर दिया है। मुंशी प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय है। मुंशी जी का जन्म 31 जुलाई सन 1880 ईo में बनारस के पास लमही नामक गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम अजायब राय था। प्रेमचंद ने अपनी प्रथम रचना संग्रह "सोज़े वतन", नवाब राय के नाम से प्रकाशित की, पर अँग्रेजी सरकार ने इस रचना को जब्त कर लिया। इस तरह इनकी पहली रचना सामान्य जनमानस तक पहुँचने में असफल हो गई। इसके बाद इन्होने मुंशी प्रेमचंद के नाम से लिखना शुरू किया और आज उनकी कहानियाँ और अन्य सभी रचनाएँ हिन्दी साहित्य में अपने अतुलनीय स्थान पर बरकरार है। इन्होंने लगभग 300 कहानियाँ लिखी हैं जो तत्कालीन देश और समाज को दर्शाती हैं। इनके द्वारा लिखी गई सारी रचनाएँ आज भी काफ़ी लोकप्रिय हैं। इनकी समस्त कहानियों को 8 भागों में बांटा गया है और यह मानसरोवर और उनके भाग के नाम से प्रकाशित हुई हैं। यहाँ आपको मानसरोवर के आठों भागों और उनमे प्रकाशित कहानियों का संकलन प्रस्तुत किया जा रहा है। मुंशी प्रेमचंद ने कहानियों के साथ अनेकों उपन्यास भी हमारे सामने प्रस्तुत किए हैं। इनकी अंतिम रचना मंगलसूत्र है। इनकी मृत्यु 8 अक्टूबर 1936 ईo में हुई।प्रेमचंद की कौन सी रचना अंग्रेजों द्वारा जब्त कर ली गई थी?
1
कफ़न
2
पुनः की रात
3
मंगलसूत्र
4
सोज़े वतन