द्रुत झरो जगत् के जीर्ण पत्र,
हे स्रस्त-ज्वज! हे शुष्क-शीर्ण'
उक्त काव्य-पंक्तियाँ सुमित्रानंदन पंत की कौनसी कविता से हैं?
1
युगांत
2
गुंजन
3
पल्लव
4
अप्सरा
द्रुत झरो जगत् के जीर्ण पत्र,
हे स्रस्त-ज्वज! हे शुष्क-शीर्ण'
उक्त काव्य-पंक्तियाँ सुमित्रानंदन पंत की कौनसी कविता से हैं?