तन चित उर मन राजा कीन्हा,
हिय सिंहल बुधि पदमिनि चीन्हा।
गुरु सुआ जेहि पंथ देखावा,
बिनु गुरु जगत को निरगुन पावा।।
उक्त पंक्तियों में 'पद्मावत' की कौन-सी विशेषता परिलक्षित है?
1
विरह का अतिरंजित वर्णन
2
लौकिक प्रेम द्वारा अलौकिकता का संकेत
3
नारी विषयक अनुदात्त अवधारणा
4
धार्मिक असहिष्णुता