Comprehension Passage
इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।
लाला झाऊलाल को खाने - पीने की कमी नहीं थी। काशी के ठठेरी बाज़ार में मकान था। नीचे की दुकानों से एक सौ रुपए मासिक के करीब किराया उतर आता था। अच्छा खाते थे, अच्छा पहनते थे, पर ढाई सौ रुपए तो एक साथ आँख सेंकने के लिए भी न मिलते थे। इसलिए जब उनकी पत्नी ने एक दिन एकाएक ढाई सौ रुपए की मांग पेश की, तब उनका जी एक बार जोर से सनसनाया और फिर बैठ गए। उनकी यह दशा देखकर पत्नी ने कहा- "डरिए मत, आप देने में असमर्थ हों, तो मैं अपने भाई से मांग लूँ?" यह बात सुनते ही लाला गुस्से में पानी पीने लगे। पानी पीते समय वे छत की मुंडेर पैर खड़े थे।
ढाई सौ रूपए तो एक साथ आँख सेंकने के लिए भी न मिलते थे। इसका क्या आशय है?
1
यह रकम बहुत बड़ी थी।
2
उन्होने कभी इतने रुपए न देखे थे।
3
एक साथ ढाई सौ रुपए देखने को न मिलते थे।
4
ढाई सौ रुपए आँखों पर लगाए थे।