Comprehension Passage
हमारे समाज में बहुत से लोग भाग्यवादी हैं। ऐसे लोग समाज की प्रगति में बाधक होते हैं। आज तक किसी भाग्यवादी ने समाज में कोई महान कार्य नहीं किया। बड़ी-बड़ी खोजें, बड़े-बड़े आविष्कार और बड़े-बड़े निर्माण श्रम के द्वारा ही संपन्न हो सके हैं। हमारे साधन, हमारी प्रतिभा श्रम के बिना व्यर्थ है। श्रम करके ही प्रतिभासंपन्न कलाकारों ने देश को विभिन्न कलाओं से सुसज्जित किया जो आज हमारी धरोहर हैं।
जब हम अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए श्रम करते हैं, तो हमारे मन को एक ऐसी तृप्ति अनुभव होती है, ऐसा आनंद मिलता है, जिसका वर्णन शब्दों से परे है। अतः हमें श्रम करना चाहिए। श्रम करने वाले लोग दीर्घजीवी होते हैं, वे समाज का उन्नयन करते हैं, वे देश का उत्थान कर विश्व में अपना व अपने देश का नाम अमर कर जाते हैं।
बड़े-बड़े आविष्कार किसके द्वारा संपन्न हो सके है?
1
धरोहर
2
भाग्य
3
श्रम
4
कार्य